दिन के कारोबार के लिए एक परिचय

मुद्रा पूर्ण

मुद्रा पूर्ण
हाल ही में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने 'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना' (Pradhan Mantri Mudra Yojana- PMMY) के तहत सभी शिशु ऋण (Shishu Loan) खातों पर 12 माह की अवधि के लिये 2% की ‘ब्याज सब्सिडी योजना’ (Scheme of Interest Subvention) को मंज़ूरी प्रदान की है।

मुद्रा एवं वित्त पर समग्र रिपोर्ट फिर से जारी करे रिजर्व बैंक

कई दशकों तक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मुद्रा एवं वित्त पर समग्र रिपोर्ट प्रकाशित किया करता था। यह एक बेहतरीन रिपोर्ट होती थी जो भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत बयां करने के साथ ही अभिलेख सामग्री के तौर पर भी काम करती थी। अपने शुरुआती अवतार में इस रिपोर्ट में आर्थिक समीक्षा की तरह दो हिस्से- विश्लेषण और आंकड़े हुआ करते थे। फिर 2001 के आसपास आरबीआई की वार्षिक सांख्यिकी पुस्तिका सामने आई। लिहाजा आरसीएफ के दूसरे संस्करण को बंद कर दिया गया। उसके बाद यह एक विषयवस्तु आधारित प्रकाशन रह गया जो हर दो साल में एक बार आता था।

लेकिन 2013 के बाद इसका प्रकाशन अचानक बंद हो गया। आखिरी संस्करण वर्ष 2013 में आया था। आरबीआई के तत्कालीन गवर्नर रघुराम राजन और डिप्टी गवर्नर ऊर्जित पटेल ने रिपोर्ट छपनी बंद होने की कोई भी वजह नहीं बताई थी। असल में, 2008-2013 के दौरान आरबीआई गवर्नर रहे डी सुब्बाराव को भी इसकी सफाई देनी पड़ी थी कि 2008 के बाद पांच वर्षों में एक ही रिपोर्ट क्यों आई? सुब्बाराव के कार्यकाल में ही भारतीय अर्थव्यवस्था को लीमन संकट का सामना करना पड़ा था। अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में सुब्बाराव गैर-जिम्मेदार राजकोषीय नीति को लेकर शिकायतें कर रहे थे। आखिरकार 2013 में प्रकाशित अंतिम आरसीएफ रिपोर्ट में ये तमाम चिंताएं राजकोषीय एवं मौद्रिक विमर्श पर सुविचारित लेखों के रूप में नजर आईं। उसके बाद रघुराम राजन और ऊर्जित पटेल को यह बताने की जरूरत पड़ी कि उन्होंने आरसीएफ को चुपचाप क्यों दरकिनार कर दिया? आखिरकार गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों के पूर्ण खुलासे और त्वरित सुधारात्मक कदमों की शुरुआत होने के बाद इसकी सख्त जरूरत थी कि अगले आरसीएफ में वित्तीय स्थिति का सही लेखा-जोखा पेश मुद्रा पूर्ण किया जाए।

विकासशील देशों में डिजिटल मुद्रा – cryptocurrency पर रोक लगाने की पुकार

डिजिटल मुद्रा - crypto currency

संयुक्त राष्ट्र के व्यापर और विकास संगठन – UNCTAD ने बुधवार को प्रकाशित तीन नीति पत्रों में, विकासशील देशों में डिजिटल मुद्रा – क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) पर रोक लगाने के लिये कार्रवाई किये जाने मुद्रा पूर्ण की पुकार लगाई है.

यूएन एजेंसी ने आगाह किया है कि अलबत्ता व्यक्तिगत डिजिटल मुद्राओं ने कुछ व्यक्तियों और संस्थानों को लाभान्वित किया है, मगर वो एक ऐसी अस्थिर वित्तीय सम्पदा हैं जो सामाजिक जोखिम और लागतें उत्पन्न कर सकती हैं.

अंकटाड ने कहा है कि कुछ लोगों या संस्थानों को डिजिटल मुद्रा के लाभ, वित्तीय स्थिरता, घरेलू संसाधन सक्रियता, और मुद्रा प्रणालियों की सुरक्षा के लिये उत्पन्न उनके जोखिमों के साए में दब जाते हैं.

क्रिप्टो मुद्रा में उछाल

क्रिप्टो करेंसी भुगतान का एक वैकल्पिक रूप हैं. इनके मामलों में वित्तीय भुगतान गुप्त व सुरक्षित टैक्नॉलॉजी के ज़रिये डिजिटल माध्यमों से किया जाता है जिन्हें ब्लॉकचेन कहा जाता है.

क्रिप्टो करेंसी कोविड-19 महामारी के दौरान, दुनिया भर में बहुत तेज़ी से बढ़ी, जिससे पहले से ही मौजूद चलन और भी ज़्यादा मज़बूत हो गया. इस समय दुनिया भर में लगभग 19 हज़ार क्रिप्टो करेंसी मौजूद हैं.

वर्ष 2021 में क्रिप्टो करेंसी रखने वाली आबादी के मामले में, शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं वाले 20 देशों में से, 15 देश विकासशील देश थे.

इस सूची में 12.7 प्रतिशत के साथ यूक्रेन सबसे ऊपर था, उसके बाद रूस 11.9 प्रतिशत और वेनेज़ुएला 10.3 प्रतिशत के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर थे.

उतना स्वर्णिम नहीं

अंकटाड का कहना है कि बाज़ार में हाल के समय में डिजिटल मुद्रा को लगे झटकों से झलकता है कि क्रिप्टो करेंसी रखने के निजी जोखिम तो हैं ही, मगर केन्द्रीय बैंक, वित्तीय स्थिरता की हिफ़ाज़त करने के लिये हस्तक्षेप करते हैं तो ये समस्या सार्वजनिक बन जाती है.

उससे भी ज़्यादा, मुद्रा पूर्ण अगर क्रिप्टो करेंसी भुगतान के एक माध्यम के रूप में विकसित होना जारी रखती है, और यहाँ तक कि अनौपचारिक रूप में घरेलू मुद्राओं की जगह भी ले लेती है, तो भी देशों की वित्तीय सम्प्रभुता ख़तरे में पड़ सकती है.

कर चोरी का भय

अंकटाड के एक नीति पत्र में बताया गया है कि क्रिप्टो करेंसी विकासशील देशों में किस तरह से घरेलू संसाधन सक्रियता को कमज़ोर करने का एक नया चैनल बन गई है, और साथ ही इस बारे में, बहुत कम कार्रवाई और उसमें भी देरी करने के जोखिमों के बारे में भी आगाह किया गया है.

अंकटाड ने आगाह किया है कि क्रिप्टो करेंसी से वैसे तो विदेशों से अपने मूल स्थानों को रक़म भेजना आसान होता है, मगर उनसे कर चोरी व अवैध वित्तीय लेनदेन के ज़रिये टैक्स से बचाना भी शामिल हो सकता है. बिल्कुल टैक्स स्वर्ग कहे जाने वाले स्थानों की तरह, जहाँ धन मुद्रा पूर्ण का स्वामित्व स्पष्ट नहीं होता है.

एजेंसी ने कहा है कि इस तरह से, क्रिप्टो करेंसी मुद्रा नियंत्रणों की प्रभावशीलता को भी कमज़ोर कर सकती है, जोकि विकासशील देशों को उनके नीतिगत स्थान और छोटे पैमाने पर आर्थिक स्थिरता के लिये एक अहम उपकरण है.

मुद्रा (Currency)

विमुद्रीकरण – जब काला धन बढ़ जाता है और अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन जाता है तो इसे दूर करने के लीये विमुद्रीकरण को अपनाया जाता है | इसके अंतर्गत सरकार अपनी पुरानी मुद्रा को समाप्त कर देती है और नई मुद्रा चालु कर देती है जनके पास काला धन होता है वे उसके बदले नई मुद्रा लेने का साहस नहीं जूटा पाते और काला धन स्वयं ही नष्ट हो जाता है |

  • धातु मुद्रा (metallic money) – धातु से बनी मुद्रा कको धातु मुद्रा कहा जाता है |
  • मानक/पूर्ण मूल्य मुद्रा – यह वह मुद्रा है जिसका मूल्य वस्तु के रूप में गैर-अमौद्रिक उद्देश्यों के लिए भी उतना ही जितना की मुद्रा के रूप में उसका मूल्य है | इस तरह की मुद्रा सिक्को के रूप में जिसका अंकित मूल्य उसके यथार्थ मूल्य अथवा धातु मूल्य के बराबर होता है | मानक मुद्रा एक एसी असीमित मुद्रा है जिसमे कितनी भी राशि का भुगतान किया जा सकता है |
  • प्रतीक मुद्रा (Tokn money) – प्रतीक मुद्रा वह प्रतिनिधि मुद्रा है जिसका यथार्थ मूल्य उसके अंकित मूल्य से कम होता है |
  • सहायक मुद्रा – सहायक मुद्रा का काम प्रतीक मुद्रा की सहायता करना है |
  • कागज़ मुद्रा –कागज-मुद्रा से तात्पर्य कागज के बने विभिन्न अंकित मूल्य के नोटो से है जिसे देश का केंद्रीय बैंक तथा सरकार जारी करती है |

मुद्रा पूर्ण

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: 2015 से बैंकों द्वारा स्वीकृत लगभग 14.96 लाख करोड़ रु

Pradhan Mantri Mudra Yojana: About INR 14.96 Lakh Crore sanctioned by Banks

वित्त मंत्रालय ने कहा है कि, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों ने 2015 में अपनी शुरुआत के बाद से प्रधान मंत्री मुद्रा योजना(PMMY) के तहत INR 14.96 लाख करोड़ मूल्य के 28.68 करोड़ लाभार्थियों को मंजूरी दी है।

  • MUDRA का मतलब है माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड।
  • वित्त वर्ष 2020-21 में INR 2.66 लाख करोड़ के लगभग 4.2 करोड़ मुद्रा ऋण स्वीकृत किए गए।

MUDRA योजना- इसे 8 अप्रैल 2015 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था।

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